|| श्रीगणेशाय नमः || लघुसिद्धान्तकौमुदी लघुसिद्धान्तकौमुदी विश्व की प्राचीनतम भाषाओं में संस्कृत भाषा प्राचीनतम है | यद्यपि भाषा विचार विनिमय के मूलभूत साधन के रूप में परिभाषित है , फिर भी संस्कृत भाषा मात्र है , यहीं तक सीमित नहीं है , हम हर एक भाषा का संबंध उसके राष्ट्र से केवल सामाजिक सांस्कृतिक रूप से नहीं , अपितु शाब्दिक रूप से भी पाते हैं | जैसे जर्मनी की भाषा को जर्मन , चीन की भाषा को चीनिया आदि | परंतु संस्कृत भाषा का नामकरण संस्कृत किसी सामाजिक या सांस्कृतिक कारण को धारण करते हुए नहीं बल्कि स्वयं में परिष्कृतता एवं परिमार्जितता की वैज्ञानिक प्रधानता से है।